Tuesday, November 3, 2015

PROTECTION FROM GHOSTS & EVIL SPIRITS भूत-प्रेत-पिशाच से रक्षा

Protection from Ghosts, evil spirits  भूत-प्रेत-पिशाच से रक्षा 
CONCEPTS & EXTRACTS IN HINDUISM By :: Pt. Santosh  Bhardwaj  
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जो जीवधारी-मनुष्य सांघातिक कारणों से असमय मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उनकी मुक्ति नहीं होती। उन्हें तत्काल सूक्ष्म शरीर की प्राप्ति हो जाती है। आत्मघात करने वाले भी मुक्ति नहीं पाते और हजारों-लाखों वर्षों तक बहुत-प्रेत-पिशाच-ब्रह्मपिशाच आदि योनियों में भटकते रहते हैं जब तक कि कोई दया वश उन्हें इस योनि से मुक्ति प्रदान न कर दे। अतृप्त तृष्णा, कामना, इच्छा आदि भी इन योनियों में ले जाती है। 
ॐ, राम, हनुमान या किसी ध्यान सिद्ध योगी, तांत्रिक आदि का स्पर्श इनकी दुर्गति से मुक्ति में सहायक हो सकता है। स्थूल शरीर के नष्ट होने के समान ही सूक्ष्म शरीर भी नष्ट हो जाता है और कारण शरीर की प्राप्ति हो जाती है। साधारणतया भूत -प्रेत-पिशाच वेद मन्त्रों, गीता पाठ, यंत्रों, मन्त्रों, ताबीजों आदि से दूर भागते हैं।
Recitation of this Mantr and Hanuman Chalisa will help:
Om Shree Maha Anjnay Pawan Putravesh Veshey,
 Om Shree Hanumate Phat.
ॐ श्री महा अन्ज्नाये पवन पुत्रावेशवेशय।1।  
 ॐ श्री हनुमते फट ॥2॥ 
Shri Hanumat Vandna 
Atulit Bal Dhamam hem Shaella Bhadem, 
Dju Jwn Krashanu Gyani Namgr  Gamyam.
Sakal Gun Nidhanam Vrndhishm Vanrandhisham, 
Ragupati Pribhkram Vat Jatm Namami.
अतुलित बल धामं हेम शैला  भदेहं, दजु जवन  कृषानु  ज्ञानी नामग्र गम्यं।
सकल गुण निधानं वंरधिषम वानराधीशं, रघुपति प्रियभ्कृम्  वात  जातं नमामि॥ 

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